
मैं आज सुबह रेलवे स्टेशन पर बैठा था, बस यूँ ही, लोगों को देखने के लिए। ट्रेनें आ रही थीं, जा रही थीं। हज़ारों लोग उतर रहे थे, चढ़ रहे थे। कोई अपने गाँव जा रहा था, कोई एक नए शहर में अपनी किस्मत आज़माने। हर चेहरे पर एक कहानी थी, एक मंज़िल थी। और इन सबको उनकी मंज़िल तक पहुँचाने का काम कौन कर रहा था? भारतीय रेल।
हम भारतीय रेल को ‘देश की लाइफलाइन’ कहते हैं। और यह सच भी है। लेकिन क्या हमने कभी सोचा है कि इस लाइफलाइन को असल में चलाता कौन है? लोको पायलट ट्रेन को आगे बढ़ाता है, यह हम सब जानते हैं। लेकिन उस ट्रेन को, उस सिग्नल को, उस पटरी को… चलने लायक बनाता कौन है?
यह काम करते हैं रेलवे के टेक्नीशियन। वे भारतीय रेल के गुमनाम नायक हैं, जिनके हुनर और मेहनत के बिना शायद कोई भी ट्रेन अपनी जगह से हिल भी न पाए।
तो, अगर आपके हाथों में कोई तकनीकी हुनर है, और दिल में देश की इस सबसे बड़ी मशीनरी का हिस्सा बनने का जज़्बा है, तो चलिए आज RRB Technician Bharti 2025 के बारे में बात करते हैं। यह उन युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है जो एक स्थिर और सम्मानजनक करियर चाहते हैं।
तो, यह ‘टेक्नीशियन’ आखिर होता कौन है?
जब हम रेलवे की नौकरी के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में अक्सर TTE या स्टेशन मास्टर की तस्वीर आती है। लेकिन रेलवे का असली दिल उसके वर्कशॉप्स, शेड्स और सिग्नल रूम्स में धड़कता है। और वहाँ राज होता है टेक्नीशियनों का।
इसे इस तरह से सोचें: अगर भारतीय रेल एक विशाल शरीर है, तो टेक्नीशियन उसकी वो नसें हैं जो हर हिस्से तक ऊर्जा और सूचना पहुँचाती हैं।
चलिए मैं इसे और स्पष्ट रूप से समझाने की कोशिश करता हूं। रेलवे टेक्नीशियन भर्ती में कई तरह के पदों के लिए आवेदन मांगे जाते हैं, जैसे:
- टेक्नीशियन ग्रेड-III (सिग्नल): ये लोग रेलवे के सिग्नलिंग सिस्टम को बनाए रखते हैं। उनकी एक छोटी सी चूक भी हज़ारों लोगों की जान खतरे में डाल सकती है।
- टेक्नीशियन ग्रेड-III (इलेक्ट्रिकल): ये लोग ट्रेनों के ऊपर लगी ओवरहेड लाइनों (OHE), और इंजनों के इलेक्ट्रिकल सिस्टम की देखभाल करते हैं।
- टेक्नीशियन ग्रेड-III (फिटर, वेल्डर, मशीनिस्ट): ये लोग रेलवे के कोच और वैगनों के मैकेनिकल पार्ट्स को ठीक करते हैं।
यह सिर्फ़ एक छोटी सी झलक है। असल में, इसमें दर्जनों अलग-अलग ट्रेड होते हैं। यह काम ग्लैमरस नहीं है, लेकिन यह अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण है। मुझे मानना पड़ेगा, यह हिस्सा मुझे बहुत आकर्षक लगता है। आप यह सुनिश्चित करते हैं कि देश की धमनियां कभी रुकें नहीं।
RRB Technician Bharti 2025: चयन प्रक्रिया का चक्रव्यूह
इस प्रतिष्ठित नौकरी को पाने का रास्ता आसान नहीं है। यह एक बहु-चरणीय प्रक्रिया है, और आपको हर चरण के लिए कमर कसनी होगी।
RRB Technician चयन प्रक्रिया:
चरण 1: CBT-1 (पहला चरण कंप्यूटर आधारित टेस्ट)
यह एक कॉमन परीक्षा है जो ALP (असिस्टेंट लोको पायलट) और टेक्नीशियन, दोनों के लिए होती है। यह सिर्फ़ एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, यानी इसके मार्क्स फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते।
- सिलेबस: इसमें गणित, जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग, जनरल साइंस, और जनरल अवेयरनेस/करेंट अफेयर्स पर प्रश्न होते हैं।
चरण 2: CBT-2 (दूसरा चरण कंप्यूटर आधारित टेस्ट)
असली खेल यहाँ से शुरू होता है। इसके दो भाग होते हैं:
- पार्ट A: इसी के आधार पर आपकी मेरिट बनती है। इसमें गणित, रीजनिंग, बेसिक साइंस और इंजीनियरिंग के प्रश्न होते हैं।
- पार्ट B: यह आपके संबंधित ट्रेड का टेस्ट होता है। यह सिर्फ़ क्वालिफाइंग होता है, लेकिन इसमें पास होना अनिवार्य है। अगर आप इसमें फेल हो गए, तो पार्ट A में चाहे कितने भी अच्छे मार्क्स हों, आप बाहर हो जाएंगे।
इस विषय के बारे में निराशाजनक बात यह है कि कई उम्मीदवार पार्ट B को हल्के में ले लेते हैं और अपनी सारी ऊर्जा पार्ट A पर लगा देते हैं। यह एक बहुत बड़ी गलती है।
चरण 3: दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल जांच
CBT-2 में सफल होने वाले उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन और एक सख्त मेडिकल जांच से गुज़रना होता है।
मैं इस बिंदु पर बार-बार वापस आ रहा हूं क्योंकि यह महत्वपूर्ण है: आपको अपनी तकनीकी ट्रेड पर बहुत मज़बूत पकड़ बनानी होगी। पार्ट B ही वह दरवाज़ा है जो आपको मेरिट लिस्ट तक ले जाएगा। यह भर्ती ICF या BHEL जैसी उत्पादन इकाइयों में भर्ती के समान ही तकनीकी कौशल की मांग करती है।
क्या है नया? Technician Grade-I Signal की नई पोस्ट
रुको, यहाँ एक और भी दिलचस्प बात है! इस बार की भर्ती में, रेलवे ने एक नई और शानदार पोस्ट जोड़ी है – Technician Grade-I Signal।
- बेहतर वेतनमान: यह लेवल-5 की पोस्ट है, जिसका शुरुआती वेतन लगभग ₹29,200 है, जो कि सामान्य टेक्नीशियन ग्रेड-III (लेवल-2, ₹19,900) से बहुत ज़्यादा है।
- बेहतर योग्यता: इसके लिए B.Sc. (फिजिक्स/इलेक्ट्रॉनिक्स/कंप्यूटर साइंस/IT में) या संबंधित इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/डिग्री की ज़रूरत है।
- अलग परीक्षा: इसके लिए एक ही CBT परीक्षा होगी, जिसमें बेसिक साइंस और इंजीनियरिंग का हिस्सा नहीं होगा। इसकी जगह, कंप्यूटर और आपके विषय से जुड़े तकनीकी प्रश्न होंगे।
यह उन डिप्लोमा और B.Sc. डिग्री धारकों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो एक बेहतर पद और वेतन के साथ रेलवे में शामिल होना चाहते हैं।
सभी नवीनतम और विश्वसनीय जानकारी के लिए, आपको अपने क्षेत्र के RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड) की आधिकारिक वेबसाइट और FreeJobAlert जैसे प्रतिष्ठित जॉब पोर्टल्स पर ही नज़र रखनी चाहिए।
अंत में, रेलवे टेक्नीशियन बनना सिर्फ़ एक सरकारी नौकरी पाना नहीं है। यह एक ऐसे विशाल परिवार का हिस्सा बनना है जो दिन-रात, हर मौसम में, देश को चलायमान रखता है।
जब आप आधी रात को किसी सिग्नल को ठीक करते हैं और आपकी वजह से एक ट्रेन सुरक्षित अपनी मंज़िल तक पहुँचती है, तो वह संतुष्टि, मेरे दोस्त, किसी भी एयर-कंडीशन्ड ऑफिस की नौकरी से कहीं बढ़कर है।
RRB टेक्नीशियन भर्ती के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या है?
टेक्नीशियन ग्रेड-III के लिए, आपको 10वीं पास होने के साथ-साथ संबंधित ट्रेड में ITI का सर्टिफिकेट होना चाहिए। या, 10+2 (फिजिक्स और मैथ्स के साथ) पास उम्मीदवार भी कुछ विशेष ट्रेड्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। टेक्नीशियन ग्रेड-I सिग्नल के लिए, आपके पास संबंधित विषय में B.Sc. या इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/डिग्री होनी चाहिए।
क्या CBT-1 के अंक फाइनल मेरिट में जुड़ते हैं?
नहीं। CBT-1 सिर्फ़ क्वालिफाइंग प्रकृति का होता है। इसका उद्देश्य सिर्फ़ उम्मीदवारों की छंटनी करके CBT-2 के लिए शॉर्टलिस्ट करना होता है। आपकी फाइनल मेरिट लिस्ट सिर्फ़ CBT-2 के पार्ट A में प्राप्त अंकों के आधार पर ही बनती है।
CBT-2 का पार्ट B कितना महत्वपूर्ण है?
बहुत ज़्यादा! पार्ट B (ट्रेड टेस्ट) क्वालिफाइंग ज़रूर है, लेकिन अगर आप इसमें न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स (आमतौर पर 35%) लाने में असफल रहते हैं, तो आपको अनुत्तीर्ण माना जाएगा, भले ही आपने पार्ट A में टॉप ही क्यों न किया हो। इसलिए, अपने ट्रेड की तैयारी को हल्के में बिलकुल न लें।
क्या इस भर्ती में कोई साइको टेस्ट होता है?
नहीं। साइको टेस्ट (CBAT) सिर्फ़ असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के पद के लिए होता है। टेक्नीशियन के पद के लिए कोई साइको टेस्ट नहीं होता है। चयन प्रक्रिया CBT-2 के बाद सीधे दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल जांच की ओर जाती है।
RRB Technician Bharti 2025 में सैलरी और अन्य सुविधाएँ क्या हैं?
टेक्नीशियन ग्रेड-III का वेतन सातवें वेतन आयोग के अनुसार पे लेवल-2 (बेसिक पे ₹19,900) में होता है, और टेक्नीशियन ग्रेड-I सिग्नल का वेतन लेवल-5 (बेसिक पे ₹29,200) में होता है। इसके अलावा, आपको कई तरह के भत्ते जैसे महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता, और रात्रि ड्यूटी भत्ता भी मिलता है। साथ ही, आपको और आपके परिवार को मुफ्त रेलवे पास, चिकित्सा सुविधा, और रेलवे क्वार्टर जैसी बेहतरीन सुविधाएँ भी मिलती हैं।